General knowledge Blog for the students who is appearing for UPSC, Railway, Bank PO. that offers updated information related to India and World
Monday, 23 January 2017
Tuesday, 29 November 2016
जिनकी करंसी के आगे डॉलर भी कुछ नहीं।
आमतौर पर भारत सहित दुनिया भर की करंसी का उतार-चढ़ाव की तुलना डॉलर से ही की जाती है। इसलिए कह सकते हैं कि डॉलर दुनिया की सबसे बड़ी करंसी है। लेकिन, दुनिया में कई देश ऐसे हैं, जिनकी करंसी के आगे डॉलर भी कुछ नहीं। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि कुवैत का एक दिनार ही भारत के करीब 225 रुपए के बराबर होता है। यहां, हम आपको अन्य करंसी की कीमत शेयर बाजार को ध्यान में रखते हुए बता रहे हैं।










Monday, 7 November 2016
अमेरिका की जटिल चुनाव प्रक्रिया को समझना जरूरी है
अमेरिका की जटिल चुनाव प्रक्रिया को समझना जरूरी है
1- अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव 51 छोटे-छोटे चुनाव हैं। 50 राज्यों और एक अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन का चुनाव। हर राज्य में पॉप्युलर वोट के जरिए कुछ सदस्यों का चुनाव होता है जो दिए गए कैंडिडेट में किसी एक का समर्थन करते हैं। इलेक्टोरल कॉलेज में 538 सदस्य हैं। हर राज्य की जनसंख्या के हिसाब से उनके इलेक्टोरल सदस्य होते हैं। ठीक उसी तरह से जैसे भारत में लोकसभा में सांसद होते हैं।
2.हाउस ऑफ रेप्रिज़ेंटटिव में हर राज्य के सदस्यों का एक इलेक्टोरल होता है और दूसरा राज्य के दो सिनेटर के लिए। अमेरिका के हर राज्य में 2 सिनेटर होता है फिर चाहे उनकी जनसंख्या कितनी भी हो।
3.जादुई आंकड़ा 270 वोटों का है। राष्ट्रपति वही बनेगा जो 538 इलेक्टोरल वोटों में से कम से कम 270 वोट हासिल कर लेगा।
4.सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले राज्य कैलिफॉर्निया में 55 इलेक्टोरल हैं, टेक्सस में 38, न्यू यॉर्क और फ्लॉरिडा में 29 इलेक्टोरल। तो वहीं सबसे कम जनसंख्या वाले अलास्का, डेलवेयर, वर्मॉन्ट और वायोमिंग में सिर्फ 3 इलेक्टोरल है।
5.इलेक्टोरल कॉलेज के सदस्य आधिकारिक तौर पर 19 दिसंबर को राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति का चुनाव करते हैं। लेकिन उससे पहले ही नतीजे पता चल जाते हैं क्योंकि डेमोक्रैट्स और रिपब्लिकन, दोनों ही पार्टियां हर राज्य में इलेक्टोरल कॉलेज में अपने सदस्यों की सूची देती हैं। ये इलेक्टोरल पार्टी अधिकारी होते हैं जो अपने राज्य में जीतने वाले सदस्य के पक्ष में वोट करने के लिए प्रतिबद्ध होते हैं।
6.अमेरिका की चुनावी प्रक्रिया भारत से बिल्कुल अलग है। कई बार एक उम्मीदवार ज्यादा पॉप्युलर वोट जीतने के बाद भी चुनाव हार जाता है क्योंकि इलेक्टोरल कॉलेज की भूमिका अहम होती है।
7.सभी राज्यों को कुछ निर्वाचक मिलते हैं जो कांग्रेसमैन या सिनेटर्स होते हैं। जाहिर है बड़े राज्यों के पास ज्यादा निर्वाचक होते हैं। लेकिन दो राज्यों- मेन और नेब्रास्का की भूमिका बड़ी होती है। यदि आप कैलिफोर्निया में 60 पर्सेंट वोट हासिल करते हैं तो आपके पास राज्य के सभी इलेक्टर्स आ गए। उदाहरण के लिए 2012 में ओबामा ने राष्ट्रीय स्तर पर 51 पर्सेंट वोट हासिल किया था, जबकि यह 61 पर्सेंट इलेक्टोरल कॉलेज वोट में तब्दील हुआ था।
8.एक तरफ जहां भारत में वोट देने की प्रक्रिया खत्म होने के बाद मतगणना की प्रक्रिया कई दिनों तक चलती है। वहीं, अमेरिका में जैसे ही किसी राज्य में मतदान खत्म होता है वहां, वोटों की गिनती शुरू हो जाती है। साथ ही नतीजे भी पब्लिक में अनाउंस कर दिए जाते हैं।
9.जैसे-जैसे राज्यों से चुनाव के परिणाम आते जाते हैं एक चुनावी नक्शा तैयार हो जाता है। लाल रंग वाले राज्यों का मतलब रिपब्लिकन की जीत और नीला रंग डेमोक्रैट का प्रतिनिधित्व करता है। यह चुनावी नक्शा पार्टियों और उम्मीदवारों के प्रदर्शन की जानकारी देता है। नक्शा बताता है कि कौन कहां से जीत या हार रहा है।
10.अमेरिकी टेलिविजन एक-एक कर सभी राज्यों में विजेताओं की घोषणा करते हैं। यह घोषणा उनके वोट टैली, एग्जिट पोल और उनके खुद के प्रॉजेक्शन के साथ की जाती है। आमतौर पर डेमोक्रैट्स के गढ़ कैलिफॉर्निया के 55 इलेक्टरोल वोट के रिजल्ट से पहले ही चुनाव में जीत-हार तय हो चुकी होती है।
Thursday, 3 November 2016
4 स्लैब वाले GST
सरकार ने गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) के लिए चार स्तर के टैक्स स्ट्रक्चर का ऐलान किया है। इसके बाद जीएसटी को लेकर मार्केट की राय में अहम बदलाव हो सकता है। जीएसटी में इस बात का ध्यान रखा गया है कि आम आदमी की जेब पर ज्यादा बोझ न पड़े।
खाद्यान्न समेत आम इस्तेमाल की आधी चीजों पर जीरो टैक्स लगेगा। हालांकि ये चीजें जीएसटी का हिस्सा तो होंगी लेकिन इन पर जीरो टैक्स होने से आम आदमी की जेब पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसके अलावा रोजमर्रा की अन्य वस्तुओं पर जीएसटी दरें मौजूदा टैक्स स्लैब से कम रखी गई हैं। आइए जानते हैं जरूरी चीजों पर मौजूदा टैक्स स्लैब क्या है और जीएसटी की प्रस्तावित दरें कितनी हैं, जिससे यह जानना आसान हो जाएगा कि आपकी जेब पर इसका कितना असर पड़ेगा।
चाय
जीएसटी से आपकी चाय थोड़ी सस्ती हो सकती है। जीएसटी की नई दरों के हिसाब से देखें तो टाटा टी प्रीमियम के 1 किलोग्राम पैक का मौजूदा MRP अभी 420 रुपये है, जिस पर 5.66 फीसदी टैक्स लगता है। एमआरपी पर प्रभावी जीएसटी 4.76 फीसदी होगा। इस पर आपको 0.9 फीसदी टैक्स की बचत होगी।
जैम
किसान जैम के 700 ग्राम की एमआरपी 175 रुपये है, जिस पर मौजूदा टैक्स 5.66 फीसदी है। एमआरपी पर प्रभावी जीएसटी 4.76 फीसदी होगा। इस पर भी टैक्स में 0.9 फीसदी बचत होगी।
फुटवेअर
बाटा प्रॉडक्ट की मौजूदा एमआरपी 799 रुपये पर है जिस पर अभी 15.04 फीसदी टैक्स है, जबकि 15.25 फीसदी जीएसटी लागू होगा। इस पर आपकी जेब पर बोझ पड़ेगा यानी 0.2 फीसदी ज्यादा टैक्स देना होगा।
मोबाइल
माइक्रोमैक्स कैनवस 6 का अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) 13,999 रुपये है, जिस पर मौजूदा टैक्स 19.63 फीसदी है। इस पर जीएसटी की दर 15.25 लागू होगी यानी टैक्स में 4.4 फीसदी की बचत होगी।
बोतलबंद पानी
1 लीटर वाले बिसलेरी की बोतल की कीमत 20 रुपये है। इस पर मौजूदा टैक्स 18.38 फीसदी है। जीएसटी की दर 21.88 फीसदी लागू होगी यानी इस पर 3.5 फीसदी ज्यादा टैक्स देना होगा।
नहाने वाला साबुन
125 ग्राम के सिंथॉल डेओ साबुन की कीमत 117 रुपये है, जिस पर मौजूदा टैक्स 20.25 फीसदी है। इस पर 21.88 फीसदी जीएसटी लागू होगा यानी इस पर भी 1.6 फीसदी ज्यादा टैक्स देना होगा।
टीवी एलईडी
सैमसंग के 40 इंच वाले एलईडी टीवी की मौजूदा कीमत 53,000 रुपये है और इस पर टैक्स 19.63 फीसदी है जबकि 21.88 फीसदी जीएसटी लागू होगा। इस पर 2.3 फीसदी ज्यादा टैक्स देना होगा।
साइकल
हीरो स्प्रिंट साइकल की कीमत 5,839 रुपये है, जिस पर मौजूदा टैक्स 9.26 फीसदी है। इस पर जीएसटी की प्रभावी दर 10.71 फीसदी होगी यानी 1.5 फीसदी ज्यादा टैक्स देना होगा।
कलम
यूनिबॉल की कीमत 50 रुपये है, जिस पर मौजूदा टैक्स 13.16 फीसदी है। इस पर 15.25 फीसदी जीएसटी लगेगा यानी 2.1 फीसदी ज्यादा टैक्स देना होगा।
खाद्य तेल, मसाला, चाय और कॉफी
खाने वाले तेल, मसाला, चाय, कॉफी पर अभी 9 फीसदी टैक्स लगता है जबकि जीएसटी की दर 5 फीसदी है। यानी रोजाना के इस्तेमाल की इन चीजों पर आपको टैक्स में 4 फीसदी बचत होगी।
कंप्यूटर्स और प्रोसेस्ड फूड
कंप्यूटर्स और प्रोसेस्ड फूड्स अभी 9%-15% वाले टैक्स स्लैब में है। इन पर जीएसटी की दर 12 फीसदी है। इन सामानों पर भी कुल मिलाकर आम आदमी को फायदा होगा।
साबुन, तेल और शेविंग स्टिक्स
ये सामान मौजूदा समय में 15%-21% टैक्स स्लैब में है। इस पर जीएसटी दर 18 फीसदी है। इसमें भी आम आदमी को फायदा होगा।
वाइट गुड्स
ज्यादातर वाइट गुड्स जैसे एलईडी टीवी सेट्स आदि पर आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ जाएगा। मौजूदा समय में जहां इन चीजों पर 21 फीसदी टैक्स लगता है, वहीं इनके लिए 28 फीसदी जीएसटी दर का ऐलान किया गया है। यानी इन सामानों पर आपको पहले के मुकाबले 7 फीसदी ज्यादा टैक्स देना पड़ेगा।
सोना
सोने पर सर्विस टैक्स रेट्स और जीएसटी पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है।
Monday, 8 August 2016
जीएसटी संशोधित बिल पर पीएम के 35 मिनट के भाषण की 75 बड़ी बातें
लोकसभा में सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहुचर्चित जीएसटी संशोधित बिल पर अपनी और सरकार की राय रखी. उन्होंने इस बिल को गरीबी को दूर करने में सहायक बताया. साथ ही कहा कि यह विधेयक ग्राहक को राजा बनाएगा और छोटे उत्पादकों को सुरक्षा की गारंटी देगा. जानें, पीएम के 35 मिनट के भाषण की 75 बड़ी बातें-
टैक्स टेररिज्म से मुक्ति की दिशा में यह बड़ा कदम
1. आज 8 अगस्त को टैक्स टेररिज्म से मुक्ति की दिशा में यह बड़ा कदम है.
2. हमारे दोनों सदन के लोग मिलकर एक ऐतिहासिक कदम उठा रहे हैं.
3. मैं सभी राजनीतिक दलों का धन्यवाद करने के लिए खड़ा हूं.
4. 29 राज्यों और नब्बे राजनीतिक दलों से विचार के बाद जीएसटी आज यहां खड़ा है.
5. ये सही है कि कृष्ण को जन्म किसी ने दिया, बड़ा किसी ने बनाया लेकिन यह भी सही कि ये किसी दल या किसी सरकार की विजय नहीं है. ये भारत के उच्च परंपराओं की विजय है. ये सभी राजनीतिक दलों की विजय है.
6. ये पहले और वर्तमान सरकार के योगदान से है. इसलिए कौन जीता कौन हारा, इस पर किसी विवाद की आवश्यकता है.
7. स्पीकर महोदय धन्यवाद सदन का समय बढ़ाने के लिए. मुझे लग रहा था कि खड़गेजी मेरे लिए समय रखेंगे या नहीं.
जीएसटी का ये है असली मतलब
8. जीएसटी का मतलब है ग्रेट स्टेप्स टुवार्ड्स ट्रांसपैरेंसी.
9. जीएसटी का मतलब है ग्रेट स्टेप बाई टीम इंडिया.
10. यह सिर्फ कर व्यवस्था नहीं है.
11. जीएसटी एक भारत के भाव को बल देता है.
12. सभी इसके पक्ष में रहे क्योंकि इससे एक भारत को बल मिलेगा.
13. कभी कभी जीएसटी को लेकर संशय भी रहे.
14. मैं जब सीएम था तब भी मेरे मन में संशय रहे. मैंने प्रणबजी से भी बात की.
15. लंबे मंथन के कारण बहुत सी कमियों को दूर करने में हम सफल रहे हैं.
16. मुझे पता है कि प्रयास का परिणाम मिलेगा.
17. एक मंच, एक मत, एक मार्ग, एक मंजिल ये मंत्र आज जीएसटी के सारे प्रोसेस में हम सब ने अनुभव किया है.
18. ये बात सही है कि राज्यसभा में ये बिल अंकगणित में संकट आ सकता है.
19. इसमें सबसे बड़ी आवश्यकता थी कि राज्यों और केंद्र के बीच विश्वास पैदा हो.
20. मैंने पहले भी कहा है कि लोकतंत्र एक सहमति की यात्रा है.
कंज्यूमर इज ए किंग.....
21. हम जीएसटी पर बहुमत के आधार पर फैसला नहीं चाहते थे.
22. हम सब अलग अलग राजनीतिक विचारों से जुड़े हैं.
23. इस पूरी चर्चा में हमने देखा कि इस पवित्र स्थान में राजनीति नहीं हुई.
24. राजनीति से ऊपर राष्ट्रनीति होती है. इसे हम सबने मिलकर साबित किया.
25. इसका एक सीधा मैसेज है कि कंज्यूमर इज ए किंग.
26. अलग अलग जो कर व्यवस्थाएं हैं, इसके कारण एक सरलीकरण आ जाएगा.
27. इससे कंज्यूमर के साथ बिजनेसमैन को भी फायदा होगा.
28. जीएसटी से 7 से 11 कर प्रथा सरल होगी.
अर्थव्यवस्था के लिए ये 5 बातें जरूरी....
29. अर्थव्यवस्था को तेज गति से चलाने के लिए पांच बातें ध्यान देनी होती हैं. मैन, मशीन, मटैरियल, मनी और मिनट.
30. जीएसटी से छोटे बिजनेसमैन को भी फायदा होगा.
31. जीएसटी के कारण सारे अवरोध दूर हो जाएंगे.
32. हर राज्य एक दूसरे पर आश्रित है. तब जाकर कुछ काम चलता है. इसमें कठिनाई है, जिसे दूर करने में इससे सुविधा होगी.
33. आज जो हमारे पिछड़े राज्य माने जाते हैं, इससे उनकी आय बढ़ेगी.
34. जीएसटी से विदेशों से चीजें लाने में कमी आएगी.
पूर्वी हिस्से को हमें बराबरी में लाना है....
35. पूर्वी हिस्से को बराबरी में हमें लाना है. वरना ये असंतुलित विकास खतरनाक होगा.
36. जीएसटी लागू होने के बाद इसका फायदा उठाएं.
37. देश जिन सपनों को देख रहा है, इसके जरिए हम उसे पूरा कर पाएंगे.
38. राज्यों और केंद्रों के बीच तनाव या तो संपत्ति को लेकर या प्राकृतिक संसाधनों को लेकर रहता है.
39. इसकी वजह से ट्रांसपैरेंसी आएगी.
40. किसके पास कितना धन है, इसका सही बंटवार होगा. मतलब झगड़ा बंद होगा.
41. सब कुछ केंद्र और राज्य की जानकारी में रहेगा.
गरीबों की होगी जय जय...महंगाई दर अब 4 फीसद
42. जीएसटी में गरीबों की उपयोगी चीजें टैक्स दायरे से बाहर होंगी.
43. जरूरी दवाएं जीएसटी से बाहर हैं.
44. इसकी वजह से राज्यों की तकलीफें हम दूर करेंगे.
45. इस सरकार ने कानूनन एक अहम फैसला लिया है. हमने आरबीआई से कहा है कि महंगाई दर 4 फीसद तक तय करें.
46. हमने पहली बार ये कानूनन किया है. आने वाले समय में इसका फायदा होगा.
47. महंगाई दर स्थिर रहने से माहौल बदलेगा.
गरीबी हमें विरासत में मिली है, अब लोन सबको
48. गरीबी हमें विरासत में मिली है.
49. गरीबी से लड़ने की इच्छा हम सबकी है.
50. गरीबी को मिटाने के लिए हम गरीबों की फौज तैयार करेंगे.
51. छोटे बिजनेसमैन को लोन मिलने में काफी समस्या होती है. हम इसमें बदलाव लाएंगे.
52. जीएसटी के कारण हर व्यक्ति का कारोबारी खाका तैयार रहेगा. और सबको लोन मिल सकेगा.
53. हर छोटे से छोटे व्यक्ति का अब लाभ मिलेगा. चाहे वह नाई हो या मोची.
54. इसके कारण सहज रूप से धन मिलेगा तो प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी. मैनुफैक्चरिंग में.
55. और जब प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी तो रोजगार भी बढ़ेगा.
आपको कच्चे बिल की चिंता ज्यादा है...
56. हम भ्रष्टाचार को बहुत कुछ कहते हैं. लेकिन हमें अब इसे मिटाने के लिए व्यवस्थाएं भी बनानी होंगी.
57. अगर व्यवस्थाएं ठीक होंगी तो गलत आदमी भी ठीक रहेगा.
58. कच्चा बिल और पक्का बिल ये बड़ा पॉपुलर है ट्रेडर्स में.
59. इस पर हल्ला मचने के बाद पीएम ने कहा कि मैं तब से इंतजार कर रहा था कि विपक्षी खड़े क्यों नहीं हुए.
60. आपको कच्चे बिल की चिंता ज्यादा है. विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा.
61. व्यापारी पक्के बिल के लिए प्रेरित होगा.
62. पुराने कच्चे पक्के की दुनिया अब बंद हो जाएगी.
इससे भ्रष्टाचार शून्य की ओर जाएगा...
63. तकनीक की वजह से कॉस्ट ऑफ कलेक्शन में कमी आएगी.
64. सरकारी इंटरफियरेंस खत्म तो करप्शन खत्म.
65. इस सबसे भ्रष्टाचार शून्य की ओर जाएगा.
66. एक ऐसी व्यवस्था विकसित हो रही कि टैक्स पेयर्स और कलेक्टर के बीच ह्यूमन इंटरएक्शन बंद हो जाएगा. इससे हमें लाभ मिलेगा.
67. ईमानदारी से इस व्यवस्था के तहत मुनाफा होगा.
68. इससे हम कालेधन को रोकने में भी सफल होंगे.
69. राज्यों और केंद्रों के सारे आंकड़ें एक ही जगह आपको मिलेंगे.
100 से ज्यादा कानून हुए पास
70. नया विषय होता है तो लोगों को जागरूक करना भी होता है.
71. दुनिया में लोकतंत्र के जो माहिर देश माने जाते हैं. ऐसे देशों में फायनंस बिल वाली बातें भी करा पाना मुश्किल होता है.
72. ये भारत के राजनीतिक दलों की मैच्योरिटी है कि आज हम वैचारिक विरोधों के बावजूद भी इस महान कार्य को एक साथ मिलकर कर रहे हैं.
73. हम इस बात के लिए गर्व कर सकते हैं कि हमारी सरकार को 100 हफ्तों में 100 से ज्यादा कानून पारित हुए हैं.
74. इसके लिए मैं सबका आभारी हूं.
75. मुझे मेरे विचार रखने के लिए मौका मिला. इसके लिए मैं आभारी हूं.
Wednesday, 27 July 2016
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जिंदगी से जुड़े कुछ प्रेरणादायक प्रसंग
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जिंदगी से जुड़े कुछ प्रेरणादायक प्रसंग
1. एक बार डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) में उनकी टीम बिल्डिंग की सुरक्षा को लेकर चर्चा कर रही थी. टीम ने सुझाव दिया कि बिल्डिंग की दीवार पर कांच के टुकड़े लगा देने चाहिए. लेकिन डॉ कलाम ने टीम के इस सुझाव को ठुकरा दिया और कहा कि अगर हम ऐसा करेंगे तो इस दीवार पर पक्षी नहीं बैठेंगे.
2. डीआरडीओ के पूर्व चीफ की मानें तो 'अग्नि' मिसाइल के टेस्ट के समय कलाम काफी नर्वस थे. उन दिनों वो अपना इस्तीफा अपने साथ लिए घूमते थे. उनका कहना था कि अगर कुछ भी गलत हुआ तो वो इसकी जिम्मेदारी लेंगे और अपना पद छोड़ देंगे.
3. एक बार कुछ नौजवानों ने डॉ कलाम से मिलने की इच्छा जताई. इसके लिए उन्होंने उनके ऑफिस में एक पत्र लिखा. कलाम ने राष्ट्रपति भवन के पर्सनल चैंबर में उन युवाओं से न सिर्फ मुलाकात की बल्कि काफी समय उनके साथ गुजार कर उनके आइडियाज भी सुनें. आपको बता दें कि डॉ कलाम ने पूरे भारत में घूमकर करीब 1 करोड़ 70 लाख युवाओं से मुलाकात की थी.
4. डीआरडीओ में काम का काफी दवाब रहता था. एक बार साथ में काम करने वाला एक वैज्ञानिक उनके पास आया और बोला कि उसे समय से पहले घर जाना है. दरअसल वैज्ञानिक को अपने बच्चों को प्रदर्शनी दिखानी थी. डॉ कलाम ने उसे अनुमति दे दी. लेकिन काम के चक्कर में वह भूल गया कि उसे जल्दी घर जाना है. बाद में उसे बड़ा बुरा लगा कि वो अपने बच्चों को प्रदर्शनी दिखाने नहीं ले जा सका. जब वह घर गया तो पता चला कि कलाम के कहने पर मैनेजर उसके बच्चों को प्रदर्शनी दिखाने ले जा चुका था.
5. साहस पर डॉ कलाम ने अपनी एक किताब में एक घटना का जिक्र किया है. उन्होंने लिखा है कि जब वो SU-30 MKI एयर क्राफ्ट उड़ा रहे थे तो एयर क्राफ्ट के नीचे उतरने पर कई नौजवान और मीडिया के लोग उनसे बातें करने लगे. एक ने कहा कि आपको 74 साल की उम्र में सुपरसोनिक फाइटर एयरक्राफ्ट चलाने में डर नहीं लगा? इस पर डॉ कलाम का जवाब था, '40 मिनट की फ्लाइट के दौरान मैं यंत्रों को कंट्रोल करने में व्यस्त रहा और इस दौरान मैंने डर को अपने अंदर आने का समय ही नहीं दिया.'

Memorable Quotes From APJ Abdul Kalam
Memorable Quotes From APJ Abdul Kalam
“It is very easy to defeat someone, but it is very hard to win someone”.
“Suffering is the essence of success!!!”
“If you fail, never give up because FAIL means "First Attempt In Learning".
End is not the end, if fact END means "Effort Never Dies" - If you get No as an answer, remember NO means "Next Opportunity". So Let's be positive."
Dream, dream, dream. Dreams transform into thoughts and thoughts result in action. (Getty Images)
If a country is to be corruption free and become a nation of beautiful minds, I strongly feel there are three key societal members who can make a difference. They are the father, the mother and the teacher.
English is necessary as at present original works of science are in English. I believe that in two decades times original works of science will start coming out in our languages. Then we can move over like the Japanese.
To succeed in your mission, you must have single-minded devotion to your goal.
Man needs his difficulties because they are necessary to enjoy success.
“Failure will never overtake me if my determination to succeed is strong enough”.
“Don’t take rest after your first victory because if you fail in second, more lips are waiting to say that your first victory was just luck.”
All Birds find shelter during a rain. But Eagle avoids rain by flying above the Clouds."
“Man needs difficulties in life because they are necessary to enjoy the success.”
If you want to shine like a sun. First burn like a sun.
"All of us do not have equal talent. But , all of us have an equal opportunity to develop our talents.
"Be more dedicated to making solid achievements than in running after swift but synthetic happiness."
Thinking should become your capital asset, no matter whatever ups and downs you come across in your life.
Without your involvement you can't succeed. With your involvement you can't fail.
“Be more dedicated to making solid achievements than in running after swift but synthetic happiness.
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